टॉय स्टोरी

फोर्की

1 1 व्यू 4 घंटे पहले

टॉय स्टोरी के फोर्की (Forky) का श्वेत-श्याम रंग भरने वाला चित्र, जिसमें सफेद स्पोर्क शरीर, अलग आकार की आँखें और मुड़ी हुई लाल भुजाएँ हैं।

आज रंगों के डिब्बे के सामने एक मज़ेदार पहेली है: जिस खिलौने का शरीर सफेद है, उसे रंगेंगे कैसे? फोर्की (Forky) को देखकर यही सवाल सबसे पहले मन में आ सकता है। उसका शरीर किसी चमकीले कपड़े या कवच से नहीं बना, बल्कि एक साधारण प्लास्टिक स्पोर्क से बना है। इस टॉय स्टोरी 5 फोर्की कलरिंग पेज को प्रिंट करके बच्चे उसके चेहरे, लाल भुजाओं, नीले मुँह और हाथ से बनाए गए छोटे छोटे हिस्सों में रंग भर सकते हैं। सफेद जगह को खाली छोड़ना भी यहाँ चित्रकारी का हिस्सा है।

फोर्की को रंगने की शुरुआत शरीर से करने की ज़रूरत नहीं है। पहले उसकी आँखों को देखिए। दोनों आँखें अलग आकार की हैं और बिल्कुल सीधी कतार में नहीं बैठतीं। यही टेढ़ापन उसे तुरंत पहचानने लायक बनाता है। बच्चा एक पुतली ऊपर और दूसरी बगल में बना सकता है, जैसे फोर्की किसी ऐसी चीज़ को समझने की कोशिश कर रहा हो जो बाकी सबको बहुत आसान लगती है। दोनों पुतलियाँ नीचे की ओर हों, तो वह गहरी सोच में डूबा दिखाई दे सकता है।

आँखों के ऊपर बनी लाल भौं उसके पूरे भाव को बदल सकती है। भौं को गहरे लाल रंग से भरने पर चेहरा साफ उभरता है। दूसरी प्रिंट की हुई कॉपी में बच्चे उसकी ढलान थोड़ी बदलकर नया हावभाव बना सकते हैं। अधिक मुड़ी हुई भौं फोर्की को घबराया हुआ दिखा सकती है, जबकि हल्का मोड़ उसे उत्सुक बना सकता है। यह नया भाव बच्चे की अपनी कल्पना होगा, किसी फिल्म के दृश्य की नकल नहीं।

उसका नीला मुँह सफेद शरीर के बीच सबसे चमकीले हिस्सों में से एक है। रंगीन पेंसिल से किनारों के पास धीरे धीरे रंग भरना आसान रहेगा। स्केच पेन इस्तेमाल करना हो, तो एक ही परत काफी है, खासकर तब जब प्रिंट साधारण कागज़ पर निकाला गया हो। मुँह के आकार को थोड़ा बदलकर बच्चा हँसता, चौंकता या सवाल पूछता हुआ फोर्की भी बना सकता है।

गुलाबी गाल छोटे हैं, इसलिए जल्दी पूरी होने वाली रंगाई के लिए अच्छे रहते हैं। बीच में थोड़ा गहरा गुलाबी और किनारे पर हल्का रंग देने से गोलाई का असर बन सकता है। छोटे बच्चों के लिए केवल एक गुलाबी क्रेयॉन भी पर्याप्त है। दोनों गालों का बिल्कुल एक जैसा होना ज़रूरी नहीं, क्योंकि फोर्की का पूरा रूप ही हाथ से बनाए गए खिलौने जैसा है।

अब उसके सफेद शरीर की बारी आती है। फोर्की का मुख्य हिस्सा एक स्पोर्क है, यानी ऐसा प्लास्टिक का कटलरी टुकड़ा जिसमें चम्मच और काँटे दोनों की बनावट दिखाई देती है। पिक्सार की आधिकारिक जानकारी उसे कचरे से बने एक क्राफ्ट प्रोजेक्ट के रूप में पहचानती है, जो शुरू में खुद को खिलौना मानने के लिए तैयार नहीं था।

शरीर का बीच वाला भाग सफेद छोड़ा जा सकता है। किनारों पर बहुत हल्की स्लेटी या आसमानी पेंसिल चलाने से प्लास्टिक की आकृति कागज़ से अलग दिखाई देने लगती है। पेंसिल को ज़ोर से दबाने की आवश्यकता नहीं है। दो या तीन हल्की परतें काफी हैं। छह वर्ष के बच्चे इस हिस्से को पूरी तरह खाली भी छोड़ सकते हैं, जबकि बड़े बच्चे किनारों पर छाया बनाकर पेंटिंग जैसा प्रभाव दे सकते हैं।

ऊपर के गोल दाँतेदार हिस्से में रंग भरते समय कागज़ को थोड़ा घुमाना मददगार हो सकता है। हर गोलाई के साथ हाथ की दिशा बदलने के बजाय शीट घुमाने से रेखा के भीतर रहना आसान होता है। यह छोटा हिस्सा बच्चों को धीरे और ध्यान से रंग भरने का अभ्यास देता है, लेकिन गतिविधि को स्कूल के कठिन अभ्यास जैसा नहीं बनाता।

फोर्की की लाल भुजाएँ पाइप क्लीनर या शनील स्टिक जैसी दिखाई देती हैं। इन्हें केवल लाल रंग से भरना भी ठीक है, पर छोटे घुमावदार निशान बनाकर रोएँदार बनावट दिखाई जा सकती है। एक ओर गहरा लाल और दूसरी ओर हल्का लाल इस्तेमाल करने से भुजा गोल और मुड़ी हुई लगेगी। हर निशान एक जैसा बनाने की कोई ज़रूरत नहीं है।

क्रेयॉन इस्तेमाल करने वाले बच्चे पहले हल्का लाल आधार बना सकते हैं। उसके बाद गहरे लाल रंग की पेंसिल से कुछ छोटी घुमावदार लकीरें खींची जा सकती हैं। जो बच्चे नौ या दस वर्ष के हैं, वे भुजाओं के मोड़ के साथ पेंसिल चलाकर गहराई बना सकते हैं। छोटे बच्चे केवल रंग भरकर भी साफ और पहचानने योग्य चित्र तैयार कर लेंगे।

फोर्की के पैरों में लकड़ी की स्टिक जैसे हिस्से दिखाई देते हैं। इनके लिए हल्का भूरा, बेज या शहद जैसा रंग अच्छा लगेगा। लकड़ी का असर बनाने के लिए लंबाई की दिशा में तीन या चार पतली रेखाएँ बनाई जा सकती हैं। हर खाली जगह भरना ज़रूरी नहीं है। कुछ अनियमित रेखाएँ ही लकड़ी की सतह का एहसास देने के लिए काफी हैं।

नीचे की सफेद मिट्टी जैसी आधार आकृति को सफेद छोड़ा जा सकता है। उसके निचले किनारे पर हल्का स्लेटी रंग देने से वह पृष्ठभूमि में गायब नहीं होगी। यदि चित्र में पैर पर छोटा इंद्रधनुष स्टिकर दिखाई दे रहा हो, तो अच्छी तरह छिली रंगीन पेंसिल से उसकी पतली पट्टियों में रंग भरे जा सकते हैं। दूसरी कॉपी में बच्चा अपना स्टिकर बना सकता है, जैसे पतंग, तारा, क्रिकेट की गेंद या अपने नाम का पहला अक्षर।

फोर्की पहली बार टॉय स्टोरी 4 में दिखाई दिया था। वह बॉनी का बनाया हुआ क्राफ्ट प्रोजेक्ट था, लेकिन खुद को खिलौने के बजाय कचरा समझता था। वुडी ने उसे यह समझाने की जिम्मेदारी ली कि बॉनी के लिए उसका क्या अर्थ है और किसी बच्चे का खिलौना होना क्यों खास है। डिज़्नी की आधिकारिक कहानी में यही टकराव फोर्की की भूमिका का मुख्य हिस्सा है।

इस कहानी को रंग भरने की गतिविधि में बदला जा सकता है, लेकिन असली कचरा या छोटे प्लास्टिक के टुकड़े इकट्ठे करने की ज़रूरत नहीं है। बच्चा कागज़ पर तीन साधारण चीज़ें बना सकता है, जैसे पेंसिल का छोटा टुकड़ा, खाली डिब्बा और बोतल का ढक्कन। इनमें से किसी एक को आँखें देकर नया खिलौना बनाया जा सकता है। नाम भी बच्चा ही चुनेगा।

भारत के स्कूलों में आर्ट पीरियड के दौरान अक्सर क्रेयॉन, ड्रॉइंग कॉपी, रंगीन कागज़ और गोंद दिखाई देते हैं। फोर्की के आसपास ऐसा ही एक काल्पनिक आर्ट टेबल बनाया जा सकता है। पेंसिल बॉक्स खुला हो, पास में कागज़ की तारा आकृति पड़ी हो और पीछे रंगों का डिब्बा रखा हो। यह बच्चा खुद बनाएगा, इसलिए इसे फिल्म का दृश्य नहीं समझा जाएगा।

पृष्ठभूमि बहुत भरी हुई हो, यह ज़रूरी नहीं है। फोर्की का शरीर सफेद है, इसलिए बहुत सारे रंगीन पैटर्न के बीच उसकी आकृति कम साफ दिखाई दे सकती है। दो या तीन बड़ी चीज़ें पर्याप्त हैं। पैरों के नीचे हल्की छाया और बगल में एक क्रेयॉन बना देने से भी दृश्य पूरा लग सकता है।

फोर्की की सबसे मज़ेदार आदत है हर चीज़ पर सवाल करना। Forky Asks a Question में वह प्यार, समय और चीज़ जैसे विषयों को समझने की कोशिश करता है। पिक्सार के अनुसार यह 2019 में जारी की गई दस शॉर्ट फिल्मों की श्रृंखला है, जिसे बॉब पीटरसन ने निर्देशित किया।

कलरिंग पेज के पास एक बड़ा बोलने वाला गुब्बारा बनाया जा सकता है। उसमें बच्चा अपनी ओर से सवाल लिखे, जैसे “रबर इतना छोटा कैसे हो जाता है?”, “स्कूल बैग छुट्टी के दिन क्या करता है?” या “एक मोज़ा हमेशा कहाँ छिप जाता है?” ये वाक्य फिल्म से नहीं लिए गए हैं। वे फोर्की के सवाल पूछने वाले स्वभाव से प्रेरित बच्चों की अपनी रचना हैं।

जो बच्चे अभी लंबे वाक्य नहीं लिखते, वे सवाल किसी बड़े को बोलकर लिखवा सकते हैं। बड़े बच्चे पहले हल्की पेंसिल से अक्षरों की जगह तय कर सकते हैं। सवाल लंबा हो तो दो गुब्बारे बनाए जा सकते हैं। इससे ऐसा लगेगा कि फोर्की ने एक सवाल पूरा किया और तुरंत दूसरा पूछना शुरू कर दिया।

सवाल के आधार पर पृष्ठभूमि भी बदली जा सकती है। यदि फोर्की पूछ रहा है कि पेंसिल छोटी क्यों होती जाती है, तो पास में शार्पनर और पेंसिल की कतरनें बनाई जा सकती हैं। किताबों वाला सवाल हो, तो पीछे छोटी बुकशेल्फ बने। मोज़ों वाली पहेली के साथ कपड़ों की टोकरी बनाई जा सकती है। इस तरह चित्र और कहानी एक दूसरे से जुड़ जाते हैं।

दो कॉपियाँ प्रिंट करने पर रंगों का छोटा प्रयोग किया जा सकता है। पहली कॉपी में फोर्की का परिचित रूप रखा जाए, जिसमें सफेद शरीर, लाल भुजाएँ और भौं, नीला मुँह और गुलाबी गाल हों। दूसरी में बच्चा पूरी तरह नया रंग रूप बना सकता है। इससे एक ही रेखाचित्र के दो अलग परिणाम सामने आएँगे।

अंतरिक्ष वाला फोर्की बैंगनी भुजाओं, छोटे तारों और ग्रह के स्टिकर के साथ बनाया जा सकता है। बरसात वाला फोर्की नीली बूँदों और बादलों से सज सकता है। भारतीय त्योहारों से प्रेरित काल्पनिक संस्करण में रंगोली जैसे छोटे पैटर्न बनाए जा सकते हैं, लेकिन उसे फिल्म का आधिकारिक रूप नहीं कहा जाना चाहिए। यह केवल रंग भरने और चित्र बनाने की स्वतंत्र गतिविधि होगी।

एक अलग खेल केवल चेहरे पर आधारित हो सकता है। चार छोटी प्रिंट कॉपियों में आँख, भौं और मुँह बदलकर चार भाव बनाए जाएँ। एक में फोर्की खुश हो, दूसरे में उलझा हुआ, तीसरे में हैरान और चौथे में सोचता हुआ। परिवार के लोग अनुमान लगा सकते हैं कि कौन सा चेहरा किस भावना को दिखाता है।

छह वर्ष के बच्चों के लिए बड़े हिस्से चुनना बेहतर रहेगा। लाल भुजाएँ, नीला मुँह, गुलाबी गाल और भौं भरते ही चित्र पहचानने योग्य बन जाता है। शरीर को सफेद छोड़ने से काम जल्दी पूरा होगा। नौ या दस वर्ष के बच्चे छाया, लकड़ी की रेखाएँ, भुजाओं की बनावट और विस्तृत पृष्ठभूमि पर ध्यान दे सकते हैं।

कक्षा में हर बच्चे को एक जैसी फोर्की कलरिंग शीट देकर अलग काम दिया जा सकता है। कुछ बच्चे चेहरे के भाव बनाएँ, कुछ सवाल लिखें और बाकी बच्चे उसका कमरा या आर्ट टेबल बनाएँ। सभी चित्र साथ लगाने पर एक जैसी प्रिंट से शुरू हुई कई अलग कहानियाँ दिखाई देंगी।

यह गतिविधि इस बात पर आधारित नहीं होनी चाहिए कि किसने सबसे साफ रंग भरा। बच्चे यह बता सकते हैं कि उन्होंने कौन सा सवाल चुना, पृष्ठभूमि में कौन सी चीज़ बनाई और फोर्की की आँखें उस दिशा में क्यों देख रही हैं। उनकी व्याख्या चित्र को केवल सजावट के बजाय कहानी में बदल देती है।

घर पर कोई बड़ा और बच्चा साथ बैठकर भी चित्र पूरा कर सकते हैं। एक व्यक्ति आँखों की दिशा चुने और दूसरा मुँह का आकार तय करे। फिर दोनों अनुमान लगाएँ कि फोर्की क्या सोच रहा है। अगली कॉपी में भूमिकाएँ बदल सकती हैं। इस खेल के लिए अलग खिलौनों या महँगी सामग्री की आवश्यकता नहीं है।

सिर्फ रंगीन पेंसिल, क्रेयॉन और स्केच पेन से पूरा चित्र बनाया जा सकता है। रंगीन पेंसिल छोटे हिस्सों और छाया के लिए अच्छी हैं। क्रेयॉन चौड़े भाग जल्दी भरते हैं। स्केच पेन मुँह, भौं और गालों को चमकीला बनाते हैं। पतले कागज़ पर स्केच पेन इस्तेमाल करते समय नीचे एक खाली शीट रखना ठीक रहेगा।

यदि बच्चा पेंट करना चाहता है, तो थोड़ा मोटा कागज़ उपयोगी होगा। पानी या पोस्टर कलर बहुत कम मात्रा में लेना चाहिए ताकि कागज़ अधिक न भीगे। पतला ब्रश गाल और मुँह के लिए अच्छा है। रंग बदलने से पहले पिछला हिस्सा सूखने देने पर लाल, नीला और गुलाबी आपस में नहीं मिलेंगे।

टॉय स्टोरी 5 के आधिकारिक पिक्सार परिचय में फोर्की अब खिलौना बनकर खुश है। वह प्लास्टिक की चाकू से बनी खिलौना पात्र कैरन बेवर्ली से विवाह करने वाला है और उसे कचरे, जीवन तथा खिलौना होने के बारे में अपनी सीखी हुई बातें बताता है। बॉनी समय समय पर उसकी क्राफ्ट वाली मरम्मत भी करती है।

इस जानकारी से एक सजावटी बॉर्डर बनाया जा सकता है, पर फिल्म की शादी का दृश्य गढ़ने की आवश्यकता नहीं है। बच्चे कागज़ के दिल, रंगीन बिंदु, फूल या छोटी पतंगें बनाकर पृष्ठ को बधाई कार्ड जैसा रूप दे सकते हैं। यह उनकी कल्पना होगी, किसी जारी आधिकारिक दृश्य की नकल नहीं।

एक दूसरी कॉपी पर फोर्की की काल्पनिक मरम्मत बनाई जा सकती है। उसकी भुजा पर कागज़ का पैच, पैर पर नया स्टिकर या शरीर पर रंगीन टेप का चित्र बने। बच्चा एक वाक्य में बताए कि मरम्मत क्यों करनी पड़ी। शायद फोर्की किताबों के बीच फँस गया था या स्कूल बैग से गिर गया था। ये घटनाएँ खेल के लिए बनाई गई हैं।

फोर्की रंग भरने से डरने वाले बच्चों के लिए अच्छा पात्र है, क्योंकि उसका रूप पहले से ही थोड़ा टेढ़ा मेढ़ा है। आँखें बराबर नहीं हैं, भुजाएँ एक जैसी नहीं मुड़तीं और मुँह हाथ से बनाया हुआ लगता है। पेंसिल की कोई रेखा थोड़ी बाहर चली जाए, तो भी चित्र उसकी क्राफ्ट वाली शैली से मेल खा सकता है।

चित्र पूरा होने पर कुछ ही रंग उसे तुरंत पहचानने योग्य बना देते हैं। सफेद स्पोर्क शरीर, दो अलग आँखें, लाल भौं, नीला मुँह और घुमावदार लाल भुजाएँ मिलकर फोर्की का चेहरा बनाती हैं। किसी एक पुतली को थोड़ा सा घुमा दीजिए, और वह फिर ऐसा दिखाई देगा जैसे रंगों की डिब्बी के बारे में अगला बेहद ज़रूरी सवाल उसके मन में आ चुका हो।