
एक मजेदार बात जो बच्चों को तुरंत सोचने पर मजबूर कर देती है, वो ये है कि Muzzled Wolf कुछ कहना चाहता है… लेकिन कह नहीं पाता। Zootopia में जब वह दिखता है, तो ऐसा लगता है जैसे उसके दिमाग में ढेर सारी बातें चल रही हैं, पर उसकी आवाज बाहर ही नहीं आ रही। बस यही छोटी सी बात एक साधारण भेड़िया का चित्र को एक मजेदार कहानी में बदल देती है, जिसे बच्चा अपने तरीके से पूरा कर सकता है।
सोचो तुम टेबल पर बैठे हो, सामने एक भेड़िया रंग भरने वाला पेज रखा है। हाथ में रंग हैं, और दिमाग में सवाल। ये भेड़िया क्या सोच रहा होगा? क्या वो कुछ समझाने की कोशिश कर रहा है? या किसी अजीब सी स्थिति में फंस गया है? जैसे ही तुम रंग भरना शुरू करते हो, ये सब सवाल धीरे धीरे कहानी में बदलने लगते हैं।
Muzzled Wolf डरावना नहीं लगता, बल्कि थोड़ा सा मजेदार और अलग लगता है। उसका चेहरा, उसकी हालत, सब कुछ ऐसा है कि बच्चा उसे अपने तरीके से समझ सकता है। जब बच्चा भेड़िया के चित्र में रंग भरता है, तो वो सिर्फ रंग नहीं भर रहा होता, बल्कि उस किरदार को अपनी सोच के हिसाब से बना रहा होता है।
कुछ बच्चे हल्के रंग पसंद करते हैं, जिससे भेड़िया शांत और थोड़ा मासूम लगे। कुछ बच्चे तेज रंगों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वो ज्यादा फनी और एक्टिव लगे। यही तो मजा है इस तरह के भेड़िया रंग भरने वाला पेज में, हर बार एक नया अंदाज़।
जैसे जैसे रंग भरते जाते हो, वैसे वैसे सीन बड़ा होता जाता है। भले ही पेपर पर बैकग्राउंड ना हो, लेकिन दिमाग में पूरा माहौल बन जाता है। पुलिस स्टेशन, अलग अलग कैरेक्टर, हलचल, और बीच में ये भेड़िया, जो कुछ कहना चाहता है पर बोल नहीं पाता।
और फिर शुरू होता है असली मजा। बच्चा अपनी कहानी खुद बनाता है। शायद भेड़िया कुछ गलतफहमी में फंस गया है। शायद वो अपनी बात समझाना चाहता है। शायद सब कुछ ठीक होने वाला है। हर बच्चा अलग कहानी सोचता है, और वही इस activity को खास बनाता है।
अक्सर बच्चे एक ही भेड़िया का रंग भरने वाला पेज बार बार print करते हैं। हर बार नए रंग, नया स्टाइल, नई सोच। एक बार simple, एक बार colorful, एक बार ज्यादा detail के साथ। एक ही ड्राइंग से कई अलग अलग versions बन जाते हैं।
और धीरे धीरे ये अकेले करने वाला काम नहीं रहता। कोई दोस्त या घर का कोई सदस्य पास बैठ जाता है। कोई color suggest करता है, कोई खुद भी रंग भरने लगता है। ये एक fun moment बन जाता है जहाँ सब enjoy करते हैं।
शुरुआत बहुत आसान है। बस एक भेड़िया का चित्र print करने के लिए, कुछ colors, और थोड़ी imagination। बाकी सब अपने आप होता है। समय कब निकल जाता है, पता ही नहीं चलता।
Muzzled Wolf इस तरह की drawing के लिए perfect है क्योंकि वो अलग है। वो बोल नहीं पाता, लेकिन उसकी presence strong है। वो हर बार कुछ नया सोचने पर मजबूर करता है।
जब drawing पूरी होती है, तो एक अलग satisfaction मिलता है। ये सिर्फ एक colored page नहीं होता, ये imagination का result होता है। और फिर दिमाग में एक नया idea आता है, कि अगली बार कुछ और try करना चाहिए, नए रंग, नई story के साथ।

सिर्फ पाँच साल की उम्र में, गुस्तावो ने रंग भरने वाले चित्र प्रिंट करने की एक छोटी-सी इच्छा को एक ऐसी सोच में बदल दिया, जो आज 150 देशों से भी ज्यादा बच्चों को प्रेरित करती है।
इसी तरह Imprimivel.com की शुरुआत हुई, एक प्रोजेक्ट जिसे उन्होंने अपने पापा, जीन बेर्नार्डो, के साथ मिलकर बनाया, ताकि 10 भाषाओं में रंग, कल्पना और खुशी फैलाई जा सके, और दुनिया भर में 800 मिलियन बच्चों तक यह जादू पहुँच सके।
आज गुस्तावो उत्साह से उन थीम्स और किरदारों को चुनने में मदद करता है, जो दूसरे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, और उसके पापा उसकी छोटी-छोटी आइडियाज़ को प्यार से हकीकत में बदल देते हैं।
