
कमरे में रखे खिलौने अचानक एक ही दिशा में देखने लगते हैं। सामने बज़ लाइटईयर (Buzz Lightyear) खड़ा है, पर इस बार हैरानी उसके चमकदार स्पेस सूट या खुलने वाले पंखों को देखकर नहीं होती। असली गड़बड़ तब शुरू होती है जब उसके जैसे एक, दो या दस नहीं, पूरे पचास नए बज़ एक साथ दिखाई देते हैं। टॉय स्टोरी 5 की इस मज़ेदार उलझन से प्रेरित यह रंग भरने वाली तस्वीर बच्चों को अपना स्पेस रेंजर तैयार करने का मौका देती है। चित्र को प्रिंट कीजिए, रंगों का डिब्बा खोलिए और तय कीजिए कि इस मिशन पर जाने वाला बज़ अपनी जानी-पहचानी वर्दी पहनेगा या बच्चों के बनाए किसी बिल्कुल नए डिजाइन में दिखाई देगा।
बज़ की पोशाक ऐसे हिस्सों से बनी है जिन्हें अलग-अलग तरीके से रंगा जा सकता है। छाती, हाथ, पैर और जूतों पर बड़े खुले स्थान हैं, जहाँ छोटे बच्चे क्रेयॉन या मोटे रंगों से आसानी से काम कर सकते हैं। दूसरी ओर बटन, बैज, नाम वाली पट्टी और पंखों की धारियाँ उन बच्चों के लिए रोचक हैं जिन्हें बारीक जगहों में ध्यान से रंग भरना पसंद है। चित्र को ऊपर से नीचे तक पूरा करना जरूरी नहीं है। कोई बच्चा पहले सारे हरे हिस्से ढूँढ़ सकता है, कोई लाल बटन से शुरुआत कर सकता है, जबकि किसी को सबसे पहले पंख रंगना अच्छा लग सकता है।
उसके स्पेस सूट का मुख्य रंग सफेद है। इसलिए कागज़ पर दिखाई देने वाले हर सफेद हिस्से को किसी रंग से ढकने की जरूरत नहीं होती। सफेदी को वैसा ही छोड़ देने से बज़ का जाना-पहचाना रूप उभरने लगता है। सूट को थोड़ा गोल और चमकदार दिखाने के लिए किनारों पर हल्के नीले या धूसर रंग की बहुत पतली छाया बनाई जा सकती है। हाथ के एक किनारे, जूते के नीचे और छाती के कवच के पास हल्का रंग भरने से सफेद हिस्सा खाली नहीं, बल्कि चमकती हुई सतह जैसा दिखाई देता है।
नींबू जैसा चमकीला हरा और गहरा बैंगनी बज़ की पहचान का बड़ा हिस्सा हैं। हरे पैनल उसकी छाती, बाँहों, पैरों और उपकरणों पर दिखाई देते हैं। बैंगनी रंग सिर के चारों ओर बने हुड, कमर और पैरों के कुछ हिस्सों में आता है। जोड़ वाली जगहों को काला या गहरा धूसर रंग देने से अलग-अलग हिस्से साफ दिखाई देते हैं। यह साफ बँटवारा उन बच्चों के लिए मददगार होता है जो अभी रेखाओं के भीतर रंग भरने का अभ्यास कर रहे हैं।
इस तस्वीर के साथ एक छोटा रंग खोज खेल भी खेला जा सकता है। पहले बच्चे चित्र में मौजूद सभी गोल आकृतियाँ खोजें। फिर सभी हरे पैनल पहचानें। उसके बाद लाल बटन, बैंगनी हिस्से और गहरे जोड़ ढूँढ़े जाएँ। हर खोज पूरी होने पर उसी समूह को रंग दिया जाए। इस तरह पूरी तस्वीर एक साथ कठिन लगने के बजाय कई छोटे और आसान कामों में बँट जाती है।
बज़ की छाती पर बना कंट्रोल पैनल चित्र का सबसे चंचल हिस्सा है। एक तरफ तीन अंडाकार बटन कतार में लगे हैं, जिन्हें आम तौर पर नीला, हरा और लाल रंग दिया जाता है। दूसरी तरफ एक बड़ा गोल लाल बटन, स्टार कमांड का निशान और “LIGHTYEAR” नाम वाली पट्टी होती है। इन छोटी जगहों के लिए अच्छी तरह छिली हुई रंगीन पेंसिल उपयोगी रहेगी। पतली नोक वाला स्केच पेन भी लगाया जा सकता है, लेकिन नीचे एक पुराना कागज़ रखना ठीक रहेगा, ताकि स्याही मेज़ पर न पहुँचे।
इन बटनों के काम बच्चों को खुद बनाने दीजिए। नीला बटन कमरे का अंतरिक्ष नक्शा खोल सकता है। हरा बटन पंखों को तैयार कर सकता है। लाल बटन वुडी और जेसी को जरूरी संदेश भेज सकता है। किसी दूसरी कहानी में यही बटन पलंग के नीचे खोया हुआ खिलौना ढूँढ़ते हैं, रात की रोशनी जलाते हैं या सभी खिलौनों को बैठक के लिए बुलाते हैं। ये कल्पना से बनाए गए खेल हैं, इसलिए इन्हें फिल्म की असली घटनाओं जैसा मानने की जरूरत नहीं है।
दाएँ हाथ पर लगा लाल प्रकाश उपकरण सफेद पोशाक के बीच तुरंत ध्यान खींचता है। इसे चमकीले लाल रंग से भरने के बाद आसपास कुछ छोटी रेखाएँ बनाई जा सकती हैं। ऐसा लगेगा जैसे रोशनी अभी-अभी जली है। बच्चा उससे निकलती एक पतली किरण भी बना सकता है और उसे चित्र के किसी दूसरे हिस्से तक पहुँचा सकता है। शायद बज़ किसी सुराग की जाँच कर रहा है, किसी दोस्त को रास्ता दिखा रहा है या अँधेरे कोने में छिपी वस्तु खोज रहा है।
पारदर्शी हेलमेट को रंगने का तरीका बाकी पोशाक से थोड़ा अलग है। अगर पूरा हेलमेट गहरे रंग से भर दिया जाए, तो उसके साफ प्लास्टिक जैसा दिखने का असर कम हो सकता है। बेहतर रहेगा कि अधिकतर हिस्सा सफेद छोड़कर किनारों पर हल्के नीले रंग की दो या तीन घुमावदार रेखाएँ बनाई जाएँ। ऊपर की ओर एक पतली धूसर चमक जोड़ने से हेलमेट गोल दिखाई देगा और उसके भीतर बज़ का चेहरा भी साफ रहेगा।
यह हिस्सा बच्चों को एक दिलचस्प बात समझा सकता है। चित्र में सफेद बचा स्थान हमेशा अधूरा नहीं होता। वह रोशनी, चमक, काँच या पारदर्शी प्लास्टिक भी दिखा सकता है। एक ही नीली पेंसिल को कभी बहुत हल्के और कभी थोड़ा अधिक दबाव से चलाकर अलग-अलग प्रभाव देखे जा सकते हैं। इस छोटे प्रयोग से रंग भरना केवल जगह भरने की गतिविधि नहीं रहता, बल्कि चीज़ों की बनावट समझने का तरीका बन जाता है।
पीठ से खुलने वाले पंखों पर लाल धारियाँ और हरे हिस्से होते हैं। बच्चे पहले बाएँ पंख की एक पट्टी रंगें और फिर दाएँ पंख पर उसी जैसी आकृति खोजें। इससे चित्र में जोड़ी और समानता पहचानने का खेल बन जाता है। दोनों पंख बिल्कुल एक जैसे बनाए जा सकते हैं, पर अलग डिजाइन भी उतना ही मज़ेदार रहेगा। एक पंख पर टीम नंबर, छोटा तारा या किसी मरम्मत का निशान बनाया जा सकता है।
उस अलग निशान के पीछे कहानी भी हो सकती है। शायद कुशन ग्रह पर उतरते समय बज़ का एक पंख खरोंच गया था। बाद में खिलौनों ने उसे नीले रंग के नए पुर्जे से ठीक कर दिया। हो सकता है लाल पट्टी किसी खास बचाव मिशन की पहचान हो। ऐसे जोड़े गए विवरण फिल्म के आधिकारिक डिजाइन नहीं हैं, बल्कि बच्चे की बनाई दुनिया का हिस्सा हैं।
क्रेयॉन बड़े हिस्सों के लिए अच्छे रहते हैं, क्योंकि उनसे छाती, हाथ और पैर जल्दी रंगे जा सकते हैं। रंगीन पेंसिल छोटे बटन, बैज और धारियों में अधिक नियंत्रण देती हैं। स्केच पेन हरे और बैंगनी रंग को बहुत चमकीला बना सकते हैं। पानी वाले रंग या पोस्टर पेंट इस्तेमाल करने हों, तो चित्र को थोड़ा मोटे कागज़ पर प्रिंट करना बेहतर रहेगा। कम पानी और छोटा ब्रश बारीक हिस्सों को साफ रखने में मदद करेंगे।
एक ही चित्र की दो प्रतियाँ प्रिंट करना रंगों के साथ प्रयोग करने का अच्छा तरीका है। पहली तस्वीर में बज़ की पारंपरिक सफेद, हरी, बैंगनी, लाल और नीली रंग योजना रखी जा सकती है। दूसरी में गहरा नीला और चाँदी, नारंगी और हरा या तारों वाला नया स्पेस सूट बनाया जा सकता है। रंग बदल जाने के बाद भी गोल हेलमेट, पंख, छाती का पैनल और मजबूत मुद्रा उसे पहचानने योग्य बनाए रखते हैं।
बज़ को पहली टॉय स्टोरी फिल्म में ऐसे खिलौने के रूप में दिखाया गया था जो खुद को असली स्पेस रेंजर समझता था। उसके लिए बच्चों का कमरा साधारण कमरा नहीं, बल्कि जाँच करने वाला अनजान इलाका था। पंख, प्रकाश उपकरण और छाती के बटन उसके लिए असली अंतरिक्ष उपकरण थे। उसे बाद में पता चला कि वह एक एक्शन फिगर है।
अपनी सच्चाई समझने के बाद भी बज़ ने साहस नहीं छोड़ा। वह योजनाएँ बनाता रहा, दोस्तों की सहायता करता रहा और मुश्किल आने पर आगे बढ़ता रहा। उसका बहुत गंभीर ढंग अक्सर मज़ेदार लगता है, क्योंकि वह छोटे से काम को भी विशाल अंतरिक्ष अभियान की तरह पेश कर सकता है। खिलौनों की अलमारी तक पहुँचना हो या कमरे के दूसरे कोने से कोई चीज़ लानी हो, बज़ की भाषा में हर काम जरूरी मिशन बन जाता है।
वुडी और बज़ की दोस्ती भी तुरंत नहीं बनी थी। नया और चमकदार खिलौना आने पर वुडी को लगा कि उसकी खास जगह छिन सकती है। बज़ को समझ नहीं आया कि काउबॉय इतना परेशान क्यों है। साथ बिताए अनुभवों ने दोनों को एक-दूसरे पर भरोसा करना सिखाया। वुडी खिलौनों की भावनाएँ अच्छी तरह समझता है, जबकि बज़ टीम, योजना और काम बाँटने में तेज है। दोनों की अलग सोच ही कई बार उनकी सबसे बड़ी ताकत बनती है।
टॉय स्टोरी 5 में बज़ को एक नई जिम्मेदारी मिलती है। वह शेरिफ जेसी के डिप्टी के रूप में उसका साथ देता है। जब जेसी और बुल्सआई बाकी साथियों से अलग हो जाते हैं, तब बज़ को बॉनी के कमरे में व्यवस्था सँभालनी पड़ती है। पुराने दोस्त वुडी के अचानक लौटने पर दोनों फिर साथ आते हैं और अपने गुम हुए साथियों को खोजने निकलते हैं।
नई कहानी में खिलौनों के सामने ऐसी चुनौती आती है जिसे आज बहुत से परिवार पहचानते हैं। बॉनी का ध्यान लिलीपैड नाम के स्मार्ट टैबलेट की ओर बढ़ता है। लिलीपैड के पास अपने विचार हैं कि बच्चे के लिए क्या सही है। वह केवल किसी पुराने ढंग की खलनायिका नहीं है, क्योंकि वह भी बॉनी की सहायता करना चाहती है। परेशानी तब बढ़ती है जब पारंपरिक खिलौनों को लगता है कि खेलने के समय में उनके लिए जगह कम हो रही है।
इस विषय पर बच्चों से बहुत भारी बातचीत करने की जरूरत नहीं है। रंग भरते समय इतना पूछा जा सकता है कि स्क्रीन वाले खेल और हाथ से किए जाने वाले खेल में क्या फर्क है। स्क्रीन पर चित्र पहले से चल रहे होते हैं, जबकि प्रिंट की हुई तस्वीर बच्चे के फैसलों का इंतज़ार करती है। कौन सा रंग चुना जाएगा, पृष्ठभूमि कहाँ होगी और बज़ किसे खोज रहा है, इसका उत्तर बच्चा बनाता है।
लिलीपैड को चित्र से बाहर रखना भी जरूरी नहीं है। बच्चा उसे पृष्ठभूमि में बना सकता है। उसकी स्क्रीन पर अंतरिक्ष नक्शा, उलटी गिनती या जेसी का संदेश दिखाई दे सकता है। इस कल्पित दृश्य में टैबलेट जानकारी दे सकता है और बज़ कमरे में जाकर असली काम पूरा कर सकता है। इस तरह तकनीक और खिलौने केवल विरोधी नहीं, अलग-अलग काम करने वाले साथी भी बन सकते हैं।
फिल्म की सबसे मज़ेदार कल्पनाओं में से एक पचास नए Hi-Tech Edition बज़ लाइटईयर हैं। ये चमकदार एक्शन फिगर अचानक पहुँचते हैं और स्पेस रेंजर मोड में अटके रहते हैं। वे मानते हैं कि उन्हें मिलकर स्टार कमांड लौटना है, जबकि असली दुनिया उनके लिए बिल्कुल नई है। एक बज़ का पूरे विश्वास से निर्देश देना ही काफी मज़ेदार होता है, तो पचास बज़ एक साथ हों तो कमरे में कैसी हलचल होगी, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
यही विचार घर, स्कूल या गतिविधि कक्षा में बड़े रंग भरने वाले खेल में बदला जा सकता है। एक ही पेज कई बार प्रिंट किया जाए और हर बच्चे को अलग बज़ तैयार करने दिया जाए। पहला बच्चा पारंपरिक रंग चुने। दूसरा चाँदी के जूते बनाए। तीसरा नीले पंख और चौथा कंधे पर टीम नंबर जोड़ सकता है। ये नए डिजाइन फिल्म के आधिकारिक रूप नहीं होंगे, बल्कि बच्चों की बनाई अपनी स्पेस रेंजर टोली के सदस्य होंगे।
सभी तस्वीरों को साथ लगाने पर बड़ी रंगीन टीम तैयार हो सकती है। हर बज़ को एक मज़ेदार जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। कोई रंगों के डिब्बे की रक्षा करेगा, कोई गुम हुई रबड़ ढूँढ़ेगा, कोई किताबों की शेल्फ की निगरानी करेगा और कोई बिखरे बिल्डिंग ब्लॉक इकट्ठे करेगा। इस गतिविधि में रंग भरने के साथ बोलना, लिखना और कहानी बनाना भी जुड़ जाता है।
कक्षा में एक जैसी रूपरेखा से शुरू हुई तस्वीरें बिल्कुल अलग दिखेंगी। किसी ने सही फिल्मी रंग चुने होंगे, किसी ने पैटर्न बनाए होंगे और किसी ने पूरा अंतरिक्ष दृश्य जोड़ दिया होगा। इन्हें देखकर सबसे अच्छी तस्वीर चुनना जरूरी नहीं है। अधिक रोचक बात यह देखना है कि एक ही चित्र से कितने अलग विचार निकल सकते हैं।
घर में दो प्रतियों से छोटा तुलना खेल खेला जा सकता है। एक बच्चा बज़ का जाना-पहचाना सूट रंगे और दूसरा बिना दिखाए नई पोशाक बनाए। बाद में दोनों पेज साथ रखे जाएँ। क्या बटन एक ही रंग के हैं? क्या दोनों हेलमेट पारदर्शी दिखते हैं? किसने पंखों को एक जैसा रखा और किसने अलग? यह मुकाबला नहीं, चित्र को ध्यान से देखने का तरीका है।
खाली पृष्ठभूमि बच्चों के कमरे से लेकर अंतरिक्ष स्टेशन तक कुछ भी बन सकती है। जूतों का डिब्बा यान बने, किताबों का ढेर पहाड़ बने और बिल्डिंग ब्लॉक स्टार कमांड का कंट्रोल सेंटर बन जाएँ। सोफा किसी अनजान ग्रह की जमीन हो सकता है और कुशन ऊँची चट्टानें। अपने आसपास की वस्तुओं को नई भूमिका देना टॉय स्टोरी की दुनिया के साथ बहुत स्वाभाविक लगता है।
अंतरिक्ष दृश्य बनाने के लिए कठिन ड्राइंग की जरूरत नहीं है। एक बड़ा गोला ग्रह बन जाएगा, उसके चारों ओर बनी पट्टी छल्ला बन सकती है और छोटे बिंदु तारों का काम करेंगे। पंख के पीछे आधा चाँद बनाया जा सकता है। गहरे नीले रंग से पृष्ठभूमि को हल्का-हल्का भरते हुए बज़ के आसपास थोड़ी सफेद जगह छोड़ दी जाए, तो वह चित्र के बीच चमकता हुआ दिखाई देगा।
वुडी, जेसी या बुल्सआई को भी साथ बनाया जा सकता है। वुडी के लिए काउबॉय टोपी, जेसी के लिए लंबी चोटी और बुल्सआई के लिए घोड़े का सरल चेहरा काफी है। उन्हें फिल्म के पोस्टर जितना विस्तार देना जरूरी नहीं है। उनका छोटा सा संकेत भी बता देगा कि मिशन में बज़ अकेला नहीं है।
चित्र के नीचे मिशन का नाम लिखने के लिए जगह छोड़ी जा सकती है। “खिलौनों की खोज”, “पचास स्पेस रेंजर”, “कुशन ग्रह का संकेत” या “स्टार कमांड की पुकार” जैसे नाम शुरुआत बन सकते हैं। बच्चा स्थान, टीम नंबर और लक्ष्य भी लिख सकता है। जो बच्चे अभी लिखना सीख रहे हैं, वे शब्दों की जगह प्रतीक बनाएँ। तारा अंतरिक्ष, आवर्धक काँच खोज और लाल गोला मंजिल दिखा सकता है।
स्पेस रेंजर पहचान पत्र बनाना खेल को और बढ़ा सकता है। उसमें नाम, दल का नंबर, जाने वाला ग्रह और खास योग्यता लिखी जाए। योग्यता मज़ेदार भी हो सकती है। कोई बज़ पलंग के नीचे का खोया मोज़ा ढूँढ़ सकता है, कोई सोने से पहले खिलौनों को सही जगह लगा सकता है और कोई कुशन से बने यान को सोफे की खतरनाक घाटी से निकाल सकता है।
बज़ का नाम पहली फिल्म के निर्माण के दौरान तुरंत तय नहीं हुआ था। शुरुआती विकास में “Lunar Larry” और “Tempus from Morph” जैसे अस्थायी नाम इस्तेमाल किए गए थे। बाद में अंतरिक्ष यात्री बज़ एल्ड्रिन के सम्मान में Buzz नाम चुना गया। Lightyear शब्द ने अंतरिक्ष से उसके संबंध को और मजबूत बनाया।
उसकी हरी और बैंगनी रंग योजना भी उसकी पहचान का जरूरी भाग बनी। चमकीला हरा सफेद कवच पर तुरंत उभरता है और बैंगनी सिर, कमर तथा पैरों के हिस्सों को जोड़ता है। बच्चे रंग भरते समय देख सकते हैं कि एक ही रंग को कई जगह दोहराने से पूरी पोशाक जुड़ी हुई लगती है। अपने नए डिजाइन में भी वे एक मुख्य रंग को अलग-अलग हिस्सों पर दोहरा सकते हैं।
फिल्म की मूल अंग्रेज़ी आवाज़ में टिम एलन फिर बज़ लाइटईयर की भूमिका निभाते हैं। टॉय स्टोरी 5 का निर्देशन एंड्रयू स्टैंटन ने किया और केना हैरिस इसकी सह निर्देशक तथा पटकथा लेखकों में शामिल हैं। फिल्म 19 जून 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई और इसकी कहानी खिलौनों तथा तकनीक के बीच बदलते खेल के समय को सामने लाती है।
रंग पूरा होने के बाद बज़ को किसी बड़े की मदद से काटकर गहरे नीले या काले चार्ट पेपर पर चिपकाया जा सकता है। सफेद और पीले बिंदु तारों वाला आकाश बना देंगे। पीछे मोड़ा हुआ कागज़ लगाने पर वह मेज़ पर खड़ा हो सकता है। कई प्रतियाँ रंगी गई हों, तो किताबों, डिब्बों और ब्लॉक के बीच पूरी स्पेस रेंजर टीम खेल सकती है।
यह तस्वीर घर में बनाई जाने वाली छोटी टॉय स्टोरी पुस्तक का पहला पन्ना भी बन सकती है। अगले पन्नों पर वुडी, जेसी, लिलीपैड और अलग-अलग मिशन स्थल बनाए जाएँ। बच्चा हर पेज पर एक वाक्य लिखे या अपनी कहानी किसी बड़े को सुनाकर लिखवाए। पन्नों को रिबन, स्टेपल या फोल्डर से जोड़ा जा सकता है।
बज़ हेलमेट पहनकर चित्र में तैयार खड़ा है, पर उसका अगला आदेश अभी लिखा नहीं गया। शायद पचास Hi-Tech Edition बज़ में से एक पर्दे के पीछे खो गया है। शायद वुडी और जेसी को बॉनी के कमरे में खेलने की जगह वापस लाने के लिए उसकी सहायता चाहिए। हो सकता है सोफा किसी अनजान ग्रह में बदल गया हो और कुशन के बीच से रहस्यमय संकेत आ रहा हो। मिशन का असली उत्तर चुने गए पहले रंग, जोड़ी गई पृष्ठभूमि और बच्चे की बनाई कहानी में मिलेगा।

सिर्फ पाँच साल की उम्र में, गुस्तावो ने रंग भरने वाले चित्र प्रिंट करने की एक छोटी-सी इच्छा को एक ऐसी सोच में बदल दिया, जो आज 150 देशों से भी ज्यादा बच्चों को प्रेरित करती है।
इसी तरह Imprimivel.com की शुरुआत हुई, एक प्रोजेक्ट जिसे उन्होंने अपने पापा, जीन बेर्नार्डो, के साथ मिलकर बनाया, ताकि 10 भाषाओं में रंग, कल्पना और खुशी फैलाई जा सके, और दुनिया भर में 800 मिलियन बच्चों तक यह जादू पहुँच सके।
आज गुस्तावो उत्साह से उन थीम्स और किरदारों को चुनने में मदद करता है, जो दूसरे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, और उसके पापा उसकी छोटी-छोटी आइडियाज़ को प्यार से हकीकत में बदल देते हैं।
