Unicorn

बच्चों के लिए Unicorn Monster Truck रंग भरने और प्रिंट करने का चित्र

कभी कभी दोपहर का समय अचानक खास बन जाता है जब मेज पर एक सादा सा कागज रखा होता है और पेंसिलों की डिब्बी खुलती है। बच्चे कुर्सी खिसकाते हैं, कोई हल्की सी इंजन की आवाज निकालता है और कमरे की हवा में खेल का मूड आ जाता है। उसी कागज पर एक बड़ा सा ट्रक दिखता है जिसकी नाक पर यूनिकॉर्न का सींग है और चेहरे पर शरारती मुस्कान। यह Unicorn Monster Truck ऐसे खड़ा है जैसे कह रहा हो कि आज इसे नई कहानी चाहिए और वह कहानी रंगों से शुरू होगी।

पहला कदम अक्सर बहुत छोटा होता है। कोई बच्चा कागज को छूकर देखता है, कोई अपनी पसंद का रंग ढूंढता है। किसी को गुलाबी अच्छा लगता है, किसी को आसमान जैसा नीला, किसी को जादू जैसा बैंगनी। जैसे ही पन्ना मेज पर आता है, घर का माहौल बदल जाता है। सोफा दर्शकों की सीट बन जाता है, तकिए पहाड़ बन जाते हैं और फर्श एक ऐसी ट्रैक बन जाती है जो सिर्फ कल्पना में होती है। यहां रंग भरना, पेंट करना और ड्रॉ करना एक साथ चल पड़ता है और बिना बताए एक नई कहानी जन्म लेती है।

इस ट्रक के बारे में बच्चों के बीच तरह तरह की बातें चलती रहती हैं। कोई कहता है कि ऐसा ट्रक पहले खिलौना था और फिर शो का सितारा बन गया। कोई कहता है कि यह बड़ी छलांगें लगाता है और सबको चौंका देता है। इन बातों से कल्पना और तेज दौड़ती है। कोई पन्ने के किनारे झंडे बना देता है, कोई एक रैंप खींच देता है जो पहले नहीं था, कोई दर्शकों की तालियों की आवाज बनाता है। कागज शांत रहता है, मगर दिमाग में स्टेडियम की गूंज होती है।

सबसे अच्छी बात यह है कि यहां सही या गलत जैसा कुछ नहीं होता। अगर एक रेखा टेढ़ी हो जाए तो ट्रक का अंदाज और मजेदार हो जाता है। अगर दो रंग मिल जाएं तो वह नई चमक बन जाती है। बच्चे जल्दी समझ जाते हैं कि यहां गलती भी दोस्त है। वे फिर कोशिश करते हैं, हंसते हैं और आगे बढ़ते हैं। आज ट्रक की पहिए हरे हो सकते हैं और बॉडी सुनहरी। कल वही ट्रक पूरी तरह अलग दिख सकता है। हर बार नई झलक सही लगती है क्योंकि वह अपनी बनाई हुई होती है।

माता पिता भी इस पल को देख कर खुश होते हैं। स्क्रीन थोड़ी देर के लिए दूर रख दी जाती है। मेज पर रंग फैल जाते हैं। समय धीमा चलने लगता है। कोई बच्चा छोटे से हिस्से पर ध्यान लगाता है, कोई पूरी रेस की कहानी जोर से सुनाता है। रंग भरना शांति देता है और खेल जैसा लगता है। जब चित्र पूरा हो जाता है तो कोई उसे ऊपर उठाकर कहता है कि यह उसने खुद बनाया है। उस वाक्य में गर्व होता है और मुस्कान अपने आप आ जाती है। कभी वह पन्ना फ्रिज पर लग जाता है, कभी फाइल में सहेज लिया जाता है जो रंगों की खुशबू रखती है।

Unicorn Monster Truck दोस्तों को भी बुला लेता है। कोई आसमान बनाता है, कोई भीड़ बनाता है, कोई किताबों के ढेर के बीच से जाती सड़क सोच लेता है। पन्ने पर सबके लिए जगह होती है। ट्रक को परफेक्ट दिखने की जरूरत नहीं होती। उसे बस खेल का हिस्सा बनना होता है। जब मेज के आसपास हंसी होती है तो लगता है जैसे वह और ज्यादा मुस्कुरा रहा हो।

इस खेल के बीच कुछ सीख भी छुपी रहती है। हाथ रेखाओं का साथ पकड़ना सीखता है। आंखें आकारों को पहचानती हैं। धैर्य आता है जब बड़ा हिस्सा धीरे धीरे रंग से भरता है। फिर भी यह सब पढ़ाई जैसा नहीं लगता। यह खेल ही रहता है। पन्ना बुलाता है, बच्चा जवाब देता है और नतीजा देखकर फिर से करने का मन होता है। शायद नए रंगों के साथ, शायद नई सड़क के साथ।

कुछ बच्चे चुपचाप काम करना पसंद करते हैं और सिर्फ पेंसिल की आवाज सुनते हैं। कुछ बच्चे पूरी कहानी बोलते रहते हैं और ट्रक से बातें भी करते हैं। दोनों तरीके यहां ठीक हैं। चित्र हर बच्चे की गति अपनाता है। घड़ी से कोई दौड़ नहीं होती। बस यह देखने की खुशी होती है कि कैसे खाली रेखाएं एक किरदार बन जाती हैं।

बड़े शो का ख्याल भी बच्चों को मजेदार लगता है। वे रोशनी, तालियां और एक ऐसी छलांग सोचते हैं जहां सब सांस रोक लें। रंगीन ट्रकों की कहानियां दिमाग में घूमती हैं जो अपने करतब से सबको चौंका देते हैं। कागज पर वही सब फिर से रचा जा सकता है। एक बादल बाधा बन जाता है। सूरज रोशनी बन जाता है। पन्ने का कोना स्टार्ट लाइन बन जाता है। चित्र शांत रहता है, मगर कहानी शोर करती रहती है।

दिन खत्म होने पर पन्ना मेज पर पड़ा रहता है और उस पल की याद अपने अंदर रखता है। अगले दिन फिर से प्रिंट किया जा सकता है और नई शुरुआत हो सकती है। शायद इस बार पहियों पर सितारे होंगे। शायद ट्रैक बादलों के बीच होगी। यही इस खेल का जादू है। यह कभी सच में खत्म नहीं होता। Unicorn Monster Truck अगली सोच का इंतजार करता रहता है।

आखिर में जो बचता है वह सिर्फ एक सुंदर चित्र नहीं होता। वह उस समय की याद होती है जब मेज रंगों से भरी थी और कल्पना किसी भी इंजन से तेज दौड़ रही थी। रंग भरना, पेंट करना और ड्रॉ करना रोज की छोटी सी यात्रा बन जाती है। और यह ट्रक अपने यूनिकॉर्न वाले सींग के साथ हर बार बच्चों को फिर से बुलाता है ताकि वे अपनी ही रेस की कहानी बना सकें, सिर्फ अपने लिए।