Tiger Shark

बच्चों के लिए Tiger Shark Monster Truck रंग भरने का चित्र

मेज पर काग़ज़ रखा जाता है और रंगों का डिब्बा खुलते ही माहौल बदल जाता है। बच्चा अभी सोच ही रहा होता है कि आज क्या बनाया जाए, तभी नज़र एक अजीब से लेकिन मज़ेदार ट्रक पर टिक जाती है। Tiger Shark Monster Truck देखते ही अलग महसूस होता है। यह न तो सिर्फ़ जानवर है और न ही सिर्फ़ गाड़ी। यह ऐसा लगता है जैसे एक शार्क ने समुद्र छोड़ दिया हो और पहियों पर दौड़ने का फैसला कर लिया हो।

इस Monster Truck में डर और मस्ती दोनों साथ साथ हैं। इसके दाँत मज़ेदार लगते हैं, आँखों में शरारत है और बड़े बड़े पहिए बताते हैं कि यह किसी से डरने वाला नहीं है। बच्चों की कल्पना में Tiger Shark रेस ट्रैक पर ऐसे फिसलता है जैसे पानी के अंदर तैर रहा हो। मिट्टी रेत बन जाती है, रैंप लहरों जैसे दिखने लगते हैं और हर जंप एक बड़ा गोता बन जाता है।

जैसे ही बच्चा रंग भरना शुरू करता है, कहानी अपने आप चल पड़ती है। कई बच्चे सबसे पहले नीला रंग उठाते हैं क्योंकि शार्क का मतलब उनके लिए समुद्र होता है। कुछ बच्चे हरा, स्लेटी या बिल्कुल अलग रंग चुनते हैं क्योंकि उनका Tiger Shark अलग होना चाहिए। हर रंग के साथ ट्रक का मिज़ाज बदलता है। कभी वह थोड़ा डरावना लगता है, कभी बहुत ही दोस्ताना। यही बात इस ड्रॉइंग को बार बार करने लायक बनाती है।

इस चित्र को रंगना जल्दी खत्म करने वाला काम नहीं है। यह रुक रुक कर देखने वाला खेल है। दाँतों में रंग भरते समय बच्चा ध्यान देता है। शरीर के घुमावों पर रंग फैलाते हुए वह सोचता है कि कौन सा रंग अच्छा लगेगा। पहिए इतने बड़े लगते हैं कि जैसे अभी काग़ज़ से बाहर आ जाएंगे। बच्चा रुकता है, फिर से देखता है और दोबारा रंग लगाता है। बिना समझे वह पूरी तरह उस पल में डूब जाता है।

उसके दिमाग में रेस शुरू हो चुकी होती है। Tiger Shark तेज़ी से आगे बढ़ता है, उछलता है, ज़मीन पर ज़ोर से उतरता है और फिर से दौड़ पड़ता है। कभी वह थोड़ा फिसलता है, लेकिन गिरना हार नहीं होता। वह फिर खड़ा होता है और आगे बढ़ जाता है। बच्चों को यह बात बहुत पसंद आती है क्योंकि इससे कहानी असली जैसी लगती है।

जब इस Tiger Shark Monster Truck को प्रिंट किया जाता है, तो घर का माहौल बदल जाता है। मोबाइल और टीवी थोड़ी देर के लिए भूल जाते हैं। मेज खेल का मैदान बन जाती है। रंग फैलते हैं, पेंसिल इधर उधर होती हैं और बच्चा खुद ही कमेंट्री करने लगता है। वह बताता है कि Tiger Shark अब क्या करने वाला है, अगला जंप कितना बड़ा होगा और कौन जीतने वाला है। माता पिता देखते हैं कि बच्चा शांत भी है और खुश भी।

इस Monster Truck के साथ कहानियों की कोई कमी नहीं होती। कभी Tiger Shark सबसे तेज़ होता है और हर बार सबसे बड़ा जंप करता है। कभी वह चालाक बनता है और आख़िर में सबको चौंका देता है। कुछ दिनों में वह शरारती लगता है, कुछ दिनों में हीरो बन जाता है। एक ही ड्रॉइंग से हर बार नई कहानी निकलती है।

जब रंग भरना पूरा हो जाता है, तो वह काग़ज़ साधारण नहीं रहता। वह खास बन जाता है। बच्चा उसे दिखाता है, दीवार पर लगाना चाहता है या संभाल कर रखता है। वह बताता है कि उसने कौन से रंग क्यों चुने और रेस में क्या हुआ। यह सिर्फ़ ड्रॉइंग नहीं रहती, यह उसकी बनाई हुई कहानी बन जाती है।

अच्छी बात यह है कि सब कुछ यहीं खत्म नहीं होता। अगले दिन वही Tiger Shark फिर से आ सकता है, नए रंगों के साथ और नए अंदाज़ में। कभी ज़्यादा तेज़, कभी ज़्यादा मज़ेदार। हर नई शीट एक नया मौका बन जाती है।

इस तरह की गतिविधियाँ बच्चों को धीरे धीरे मज़बूत बनाती हैं। वे सीखते हैं कि कोई रंग गलत नहीं होता। हर आइडिया की अपनी जगह होती है। रंग भरते समय उनकी उँगलियाँ मज़बूत होती हैं, ध्यान बढ़ता है और धैर्य भी आता है। लेकिन उन्हें ऐसा लगता है कि वे बस खेल रहे हैं।

Tiger Shark Monster Truck इसलिए इतना पसंद आता है क्योंकि इसमें दो चीज़ें मिलती हैं जिन्हें बच्चे पहले से पसंद करते हैं। ताक़तवर जानवर और बड़ी गाड़ियाँ। एक शार्क जो पहियों पर दौड़ती है, यह सोच ही बच्चों को उत्साहित कर देती है। यह थोड़ा पागलपन भरा है, थोड़ा डरावना और बहुत मज़ेदार।

बड़ों के लिए भी यह एक बढ़िया विकल्प है। न ज़्यादा शोर, न स्क्रीन और बच्चा लंबे समय तक खुश रहता है। बस प्रिंट निकालिए, रंग सामने रखिए और कल्पना को खुला छोड़ दीजिए।

जब आख़िरी जगह भी रंगीन हो जाती है, तो Tiger Shark जैसे फिर से दौड़ने को तैयार खड़ा होता है। कहानी रुकती नहीं, बस थोड़ी देर आराम करती है। अगली खाली शीट का इंतज़ार करती है, ताकि फिर से तैर सके, कूद सके और बच्चे की दुनिया में नई हलचल मचा सके।