
कल्पना करो कि सुबह का स्कूल बस अचानक अपनी रोज़ की सड़क छोड़कर एक बड़े मैदान की तरफ मुड़ जाए। चारों ओर शोर है, ज़मीन हिल रही है और बच्चे खुशी से उछल रहे हैं। Higher Education Monster Jam को देखते ही बच्चों के दिमाग में कुछ ऐसा ही सीन बनता है। यह कोई साधारण बस नहीं लगती। यह एक मज़ेदार, ताक़तवर और थोड़ा शरारती किरदार बन जाती है, जो सीधे खेल और मस्ती की दुनिया में ले जाती है।
जब बच्चा इस ड्राइंग को पहली बार देखता है, तो वह तुरंत समझ जाता है कि इसमें कुछ खास है। स्कूल बस तो जानी पहचानी चीज़ है, लेकिन यहाँ उसके पहिए बहुत बड़े हैं, उसका अंदाज़ अलग है और पूरी तस्वीर एक कहानी की तरह महसूस होती है। बच्चे अक्सर कुछ पल रुकते हैं, तस्वीर को ध्यान से देखते हैं और अपने मन में सोचते हैं कि यह बस कहाँ जा रही है। क्या यह किसी मज़ेदार क्लास के लिए देर हो गई है या फिर यह किसी ज़ोरदार शो में कूदने वाली है।
जैसे ही प्रिंटर से पेज निकलता है, उत्साह बढ़ जाता है। अब यह सिर्फ़ काग़ज़ नहीं रहता। यह खेलने की जगह बन जाता है। बच्चे अपने पसंदीदा रंग ढूँढते हैं, क्रेयॉन या पेंसिल पकड़ते हैं और सोचते हैं कि सबसे पहले क्या करें। कोई पहियों से शुरू करता है, कोई खिड़कियों से, और कोई पूरे बस को एक ही रंग में भर देता है।
इस ड्राइंग को रंग भरना किसी नियम में बंधा नहीं होता। बस पीली रह सकती है या फिर नीली, हरी, गुलाबी या पूरी तरह रंगीन बन सकती है। बड़े पहिए बच्चों को गहरे रंग इस्तेमाल करने के लिए उकसाते हैं। खिड़कियों के अंदर बच्चे अपने मन से किरदार बना लेते हैं जो हाथ हिला रहे हैं, हँस रहे हैं या चिल्ला रहे हैं। हर नया रंग कहानी को थोड़ा और आगे बढ़ा देता है।
जब बच्चे पेंट करते हैं और ड्रॉ करते हैं, तो आसपास का माहौल भी बदल जाता है। कभी वे ज़ोर ज़ोर से बताते हैं कि बस क्या कर रही है, कभी चुप हो जाते हैं क्योंकि पूरा ध्यान उसी में होता है। यह ऐसा समय होता है जहाँ स्क्रीन की ज़रूरत नहीं पड़ती और फिर भी बच्चा पूरी तरह खुश और व्यस्त रहता है। माता पिता भी पास बैठकर मुस्कुराते हैं, सवाल पूछते हैं और कभी कभी खुद भी रंग सुझाने लगते हैं।
Higher Education Monster Jam बच्चों को इसलिए भी पसंद आता है क्योंकि इसमें स्कूल और मॉन्स्टर ट्रक दोनों की झलक है। यह मेल थोड़ा अजीब है लेकिन बहुत मज़ेदार भी। बच्चों की कल्पना में यह बस किताबें नहीं ले जा रही बल्कि रोमांच और मस्ती से भरी हुई है। यह कूदती है, घूमती है और ज़ोरदार अंदाज़ में शो करती है, बिल्कुल किसी बड़े इवेंट Monster Jam की तरह, लेकिन पूरी तरह उनकी अपनी कहानी में।
इस ड्राइंग की खास बात यह है कि हर बार यह नई लगती है। एक दिन बस हीरो बन जाती है, दूसरे दिन सबसे फनी किरदार। बच्चे इसे बार बार प्रिंट करना चाहते हैं क्योंकि हर बार वे कुछ नया बनाते हैं। यही वजह है कि बोरियत पास भी नहीं आती।
यह एक्टिविटी अकेले ही नहीं, साथ में भी मज़ेदार है। भाई बहन साथ बैठकर अपने अपने डिज़ाइन दिखाते हैं। माता पिता पूछते हैं कि बस कहाँ जा रही है या अंदर कौन बैठा है। ऐसे छोटे सवाल बच्चों को अपनी सोच बताने का मौका देते हैं और बातचीत अपने आप शुरू हो जाती है।
रंग भरते और ड्रॉ करते समय बच्चे फैसले लेना सीखते हैं। कौन सा रंग अच्छा लगेगा, कहाँ लाइन बनानी है, क्या बदलना है। अगर कहीं रंग बाहर चला जाए तो कोई बात नहीं। वही चीज़ अगली बार कुछ नया बना देती है। यह सब बच्चों को आत्मविश्वास देता है और उन्हें अपनी कल्पना पर भरोसा करना सिखाता है।
जब ड्राइंग पूरी हो जाती है, तो उसे खास जगह मिलती है। फ्रिज पर, दीवार पर या फाइल में। हर बार जब बच्चा उसे देखता है, उसे याद आता है कि उसने खुद यह बनाया है। यह एहसास बहुत कीमती होता है।
Higher Education Monster Jam रंग भरने के लिए सिर्फ़ एक ड्राइंग नहीं है। यह खेल, कल्पना और खुशी का छोटा सा पैकेज है। बिना ज़्यादा बताए यह बच्चों को सीखने, बनाने और खुश रहने का मौका देता है। और जब बच्चा फिर से पूछता है कि एक और पेज प्रिंट कर सकते हैं या नहीं, तो समझ आ जाता है कि यह मज़ा सच में काम कर गया।

सिर्फ पाँच साल की उम्र में, गुस्तावो ने रंग भरने वाले चित्र प्रिंट करने की एक छोटी-सी इच्छा को एक ऐसी सोच में बदल दिया, जो आज 150 देशों से भी ज्यादा बच्चों को प्रेरित करती है।
इसी तरह Imprimivel.com की शुरुआत हुई, एक प्रोजेक्ट जिसे उन्होंने अपने पापा, जीन बेर्नार्डो, के साथ मिलकर बनाया, ताकि 10 भाषाओं में रंग, कल्पना और खुशी फैलाई जा सके, और दुनिया भर में 800 मिलियन बच्चों तक यह जादू पहुँच सके।
आज गुस्तावो उत्साह से उन थीम्स और किरदारों को चुनने में मदद करता है, जो दूसरे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, और उसके पापा उसकी छोटी-छोटी आइडियाज़ को प्यार से हकीकत में बदल देते हैं।
