
क्या तुम्हें पता है कि Fru Fru दिखने में भले ही छोटी और बेहद स्टाइलिश लगे, लेकिन वह Zootopia की सबसे ताकतवर फैमिली में से एक से आती है? यही बात उसे और भी दिलचस्प बनाती है। उसका आत्मविश्वास, उसका अंदाज़ और उसकी भावनाएँ उसे ऐसा कैरेक्टर बनाती हैं जिसे देखना ही नहीं, बल्कि कागज़ पर जीवंत करना भी बहुत मजेदार होता है।
ज़रा ये सीन सोचो। एक साफ सुथरी शीट अभी अभी प्रिंट होकर आई है, सामने रंगों का पूरा सेट रखा है, और तुम सोच रहे हो कि पहला रंग कौन सा चुनना है। Fru Fru जैसे तुम्हारा इंतज़ार कर रही हो, कि तुम उसे अपनी कल्पना से नया रूप दो। उसके बालों की स्टाइल, उसकी ड्रेस, उसका एक्सप्रेशन… हर चीज़ तुम्हें इनवाइट करती है कि तुम कुछ खास बनाओ।
जैसे ही तुम रंग भरना शुरू करते हो, वो सिर्फ एक ड्रॉइंग नहीं रहती। वो एक कहानी बन जाती है। शायद Fru Fru किसी खास मौके के लिए तैयार हो रही है, या किसी बड़े इवेंट में जाने वाली है। हर रंग जो तुम चुनते हो, उसकी कहानी को बदल देता है। हल्के रंग उसे और एलिगेंट बना सकते हैं, जबकि चमकीले रंग उसे और भी अलग दिखा सकते हैं।
सबसे मजेदार बात ये है कि यहाँ कोई रूल नहीं है। तुम चाहो तो उसे वैसा ही रंग दो जैसा तुमने देखा है, या फिर अपनी मर्ज़ी से बिल्कुल नया लुक बना दो। शायद तुम उसे एक ग्लैमरस ड्रेस दो, या कुछ यूनिक कलर कॉम्बिनेशन ट्राय करो। ऐसा लगता है जैसे तुम खुद उसके स्टाइलिस्ट बन गए हो।
Fru Fru की पर्सनैलिटी भी इस पूरी एक्टिविटी को और मजेदार बना देती है। उसे अच्छा दिखना पसंद है, उसे अटेंशन मिलना अच्छा लगता है, लेकिन साथ ही वो बहुत इमोशनल भी है, खासकर जब बात उसके परिवार की हो। जब तुम उसे रंगते हो, तो ऐसा लगता है जैसे वो हर फैसले पर रिएक्ट कर रही हो।
धीरे धीरे, आराम से रंग भरना अपने आप में एक मजेदार अनुभव है। हर हिस्से को ध्यान से भरना, कभी कुछ बदलना, कभी नया ट्राय करना। इसमें कोई जल्दी नहीं होती, बस मज़ा ही मज़ा होता है। और Fru Fru जैसे डिटेल्स से भरे कैरेक्टर के साथ, हर छोटा हिस्सा खास लगता है।
कई बार ऐसा होता है कि रंग भरते भरते तुम्हारे दिमाग में नई कहानियाँ बनने लगती हैं। कोई सोच सकता है कि Fru Fru किसी पार्टी में जा रही है, कोई सोच सकता है कि वो किसी खास दिन की तैयारी कर रही है, और कोई तो पूरी नई कहानी ही बना सकता है।
एक और मजेदार बात है उसका साइज और उसकी पर्सनैलिटी का फर्क। वो छोटी जरूर है, लेकिन उसका स्टाइल और उसका एटीट्यूड बहुत बड़ा है। यही चीज़ बच्चों को सोचने पर मजबूर करती है और उन्हें और ज्यादा क्रिएटिव बनाती है।
जैसे जैसे ड्रॉइंग में रंग भरते जाते हैं, वो और भी खास लगने लगती है। अब वो सिर्फ Fru Fru नहीं रहती, बल्कि तुम्हारी Fru Fru बन जाती है। तुम्हारे रंग, तुम्हारा स्टाइल, तुम्हारी सोच।
और जब ड्रॉइंग पूरी हो जाती है, तो एक अलग ही खुशी मिलती है। उसे दिखाने का मन करता है, उसे संभालकर रखने का मन करता है, या फिर एक और नया बनाने का।
माता पिता के लिए भी ये एक शानदार मौका होता है बच्चों के साथ टाइम बिताने का। साथ बैठना, रंग चुनना, बातें करना, कहानियाँ बनाना। बिना किसी स्क्रीन के, सिर्फ कल्पना के साथ।
Fru Fru इस पूरे अनुभव को और भी खास बना देती है। उसका स्टाइल, उसका अंदाज़, उसकी ऊर्जा… सब कुछ इस एक्टिविटी को और मजेदार बना देता है।
आखिर में जो बचता है, वो सिर्फ एक रंग भरी हुई शीट नहीं होती। वो एक पूरा अनुभव होता है, जिसमें मज़ा, कल्पना और क्रिएटिविटी सब कुछ शामिल होता है। Fru Fru के साथ हर बार कुछ नया बनाने का मन करता है, और यही इसे इतना खास बनाता है।

सिर्फ पाँच साल की उम्र में, गुस्तावो ने रंग भरने वाले चित्र प्रिंट करने की एक छोटी-सी इच्छा को एक ऐसी सोच में बदल दिया, जो आज 150 देशों से भी ज्यादा बच्चों को प्रेरित करती है।
इसी तरह Imprimivel.com की शुरुआत हुई, एक प्रोजेक्ट जिसे उन्होंने अपने पापा, जीन बेर्नार्डो, के साथ मिलकर बनाया, ताकि 10 भाषाओं में रंग, कल्पना और खुशी फैलाई जा सके, और दुनिया भर में 800 मिलियन बच्चों तक यह जादू पहुँच सके।
आज गुस्तावो उत्साह से उन थीम्स और किरदारों को चुनने में मदद करता है, जो दूसरे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, और उसके पापा उसकी छोटी-छोटी आइडियाज़ को प्यार से हकीकत में बदल देते हैं।
