
ज़ूटोपिया की विशाल और जीवंत दुनिया में हमेशा कुछ न कुछ मज़ेदार चलता रहता है। यह एक ऐसी जगह है जहाँ हर आकार और हर प्रकार के जानवर साथ रहते हैं। कोई पुलिस अधिकारी है, कोई दुकानदार, तो कोई कलाकार। लेकिन जब शहर के बड़े स्क्रीन पर रोशनी चमकने लगती है और संगीत की धुनें पूरे शहर में गूंजती हैं, तब हर कोई समझ जाता है कि कुछ खास होने वाला है। क्योंकि मंच पर आने वाली है ज़ूटोपिया की सबसे बड़ी स्टार गज़ेल Gazelle।
गज़ेल Gazelle केवल एक गायिका नहीं है। वह ज़ूटोपिया की खुशी और ऊर्जा का एक चमकता हुआ चेहरा है। उसकी आवाज़ सुनते ही पूरा शहर जैसे नाचने लगता है। छोटे बच्चे हों या बड़े जानवर, हर कोई उसकी धुनों पर झूम उठता है। उसकी चमकदार प्रस्तुतियाँ और उत्साह से भरे गाने उसे पूरे शहर की पसंदीदा कलाकार बना देते हैं।
अब कल्पना कीजिए कि उसी प्रसिद्ध किरदार Gazelle का एक सुंदर चित्र आपके सामने है। कागज़ पर सिर्फ काली रेखाएँ हैं, लेकिन उनमें छिपी है एक पूरी कहानी। यह वही क्षण है जब रचनात्मकता की शुरुआत होती है और बच्चा खुद कलाकार बन जाता है।
जब बच्चे अपने रंगों का डिब्बा खोलते हैं, तो यह साधारण चित्र धीरे धीरे बदलने लगता है। शायद Gazelle का फर सुनहरे रंग में चमकेगा। शायद उसकी स्टेज ड्रेस लाल रंग में दमकेगी, या कोई बच्चा उसे नीले, बैंगनी, गुलाबी रंगों में बिल्कुल नया लुक दे देगा। हर रंग एक नई कल्पना को जन्म देता है।
रंग भरना सिर्फ टाइम पास नहीं है। यह बच्चों के लिए अपनी ही कहानी बनाने का तरीका है। जब वे Gazelle की तस्वीर को रंगते हैं, तो वे खुद को ज़ूटोपिया के उस बड़े कॉन्सर्ट में महसूस कर सकते हैं जहाँ हजारों जानवर तालियाँ बजा रहे हैं, हंस रहे हैं और मस्ती कर रहे हैं।
कुछ बच्चे कोशिश करते हैं कि चित्र फिल्म जैसा ही दिखे। वे वही रंग चुनते हैं जो उन्होंने Zootopia में देखे थे। लेकिन कई बच्चे अपनी कल्पना से पूरी तरह नया रूप भी बना देते हैं। कभी Gazelle की पोशाक इंद्रधनुष जैसी रंगीन हो जाती है, तो कभी मंच के चारों तरफ सितारे बना दिए जाते हैं, या चमकदार रोशनी जोड़ दी जाती है।
यही इस गतिविधि की सबसे प्यारी बात है। इसमें कोई सही गलत नहीं होता। हर बच्चा अपनी स्टाइल में Gazelle को जीवंत बनाता है, अपने मन का शो तैयार करता है, और हर बार कुछ नया ट्राय करता है।
जब यह चित्र प्रिंट किया जाता है, तो इसकी एक और मज़ेदार खासियत सामने आती है। इसे बार बार प्रिंट किया जा सकता है। इसका मतलब है कि हर बार नया प्रयोग। एक बार हल्के रंगों से, दूसरी बार बहुत चमकीले रंगों से। कभी बच्चा धीरे धीरे, आराम से रंग भरता है। कभी जल्दी जल्दी, जैसे कॉन्सर्ट अभी शुरू होने वाला हो।
कभी कभी बच्चे चित्र के आसपास अपनी कल्पना से और चीजें भी बना देते हैं। वे मंच के पीछे लाइट्स बनाते हैं, दर्शकों की भीड़ बनाते हैं, या फिर कुछ और किरदार जोड़ देते हैं। हो सकता है कि उस भीड़ में Judy Hopps भी हो, जो खुशी से Gazelle को देख रही हो। शायद Nick Wilde भी कहीं पास खड़ा मुस्कुरा रहा हो। Clawhauser तो शायद सबसे आगे खड़ा होकर नाच रहा हो, क्योंकि वह Gazelle का बड़ा फैन है।
जब बच्चे इस तरह से Gazelle को रंगते हैं, तो वे सिर्फ एक तस्वीर नहीं बना रहे होते। वे अपनी कहानी रच रहे होते हैं। और जैसे जैसे रंग कागज़ पर फैलते जाते हैं, वैसे वैसे ज़ूटोपिया की दुनिया उस चित्र में सच जैसी लगने लगती है।
जब बच्चे Gazelle के इस चित्र में रंग भरना शुरू करते हैं, तो अक्सर उनकी कल्पना और भी आगे बढ़ जाती है। धीरे धीरे यह साधारण सा काला सफेद चित्र एक बड़े कॉन्सर्ट के दृश्य में बदल सकता है। कागज़ पर बनी छोटी सी स्टेज अब चमकीली रोशनियों से भर जाती है और Gazelle जैसे किसी बड़े म्यूज़िक शो में परफॉर्म कर रही हो।
ज़ूटोपिया की दुनिया में Gazelle केवल एक पॉप स्टार नहीं है। वह उम्मीद, ऊर्जा और खुशी का प्रतीक है। जब वह गाती है, तो पूरा शहर जैसे एक साथ मुस्कुराने लगता है। उसकी आवाज़ में ऐसा जादू है जो हर जानवर को कुछ पल के लिए अपनी परेशानियाँ भूलने पर मजबूर कर देता है।
इसी भावना को बच्चे अपने रंगों के साथ इस चित्र में जोड़ सकते हैं। कोई बच्चा Gazelle की पोशाक को चमकीले लाल रंग से भर सकता है। कोई उसे सुनहरे और सफेद रंगों से सजा सकता है। कोई बच्चा स्टेज के पीछे रंगीन लाइट्स बना सकता है, ताकि ऐसा लगे जैसे एक बड़ा म्यूज़िक फेस्टिवल चल रहा हो।
कुछ बच्चे अपने चित्र में और भी कल्पनाएँ जोड़ना पसंद करते हैं। वे स्टेज के चारों ओर संगीत के नोट बना देते हैं। कुछ बच्चे दर्शकों की भीड़ बना देते हैं, जहाँ अलग अलग जानवर Gazelle का गाना सुन रहे होते हैं।
कभी कभी बच्चे अपने पसंदीदा किरदारों को भी चित्र में जोड़ देते हैं। शायद Judy Hopps सामने खड़ी होकर Gazelle का कॉन्सर्ट देख रही हो। Nick Wilde कहीं पीछे खड़ा मुस्कुरा रहा हो। Clawhauser तो शायद इतना खुश हो कि वह भी संगीत पर झूमने लगे।
जब बच्चे इस तरह से रंग भरते हैं, तो वे केवल एक गतिविधि नहीं कर रहे होते। वे अपनी कल्पना से एक कहानी बना रहे होते हैं। हर रंग, हर रेखा और हर छोटा सा विवरण उस कहानी को और दिलचस्प बना देता है।
रंग भरने की यह गतिविधि बच्चों के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होती है। इससे उनकी रचनात्मकता बढ़ती है। वे रंगों के बारे में सोचते हैं, नए संयोजन बनाते हैं और धीरे धीरे अपनी कल्पना को कागज़ पर उतारना सीखते हैं।
इसके साथ साथ यह एक शांत और मज़ेदार गतिविधि भी है। कई बच्चे रंग भरते समय पूरी तरह अपने काम में खो जाते हैं। कुछ देर के लिए उनका ध्यान सिर्फ उस चित्र और उनके रंगों पर रहता है।
Gazelle जैसे किरदार के साथ यह अनुभव और भी मज़ेदार हो जाता है, क्योंकि बच्चे पहले से ही इस चरित्र को जानते हैं। उन्होंने उसे Zootopia में गाते हुए देखा है, इसलिए उनके मन में पहले से ही उस दुनिया की एक तस्वीर होती है।
जब वे Gazelle को रंगते हैं, तो वे उसी दुनिया को अपने तरीके से फिर से बना सकते हैं। शायद इस बार कॉन्सर्ट किसी नए स्टेज पर हो। शायद Gazelle ने कोई नई ड्रेस पहनी हो। शायद पूरा आसमान रंगीन रोशनियों से चमक रहा हो।
इस चित्र को प्रिंट करने का एक बड़ा फायदा यह है कि इसे बार बार इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर बच्चा पहली बार किसी खास रंग का उपयोग करता है, तो अगली बार वह बिल्कुल अलग रंगों से नया प्रयोग कर सकता है।
इस तरह हर प्रिंट एक नया अनुभव बन जाता है। कभी चित्र हल्के और शांत रंगों में होता है, कभी बहुत चमकीले और उत्साह से भरे रंगों में।
जब अंत में चित्र पूरा हो जाता है, तो वह केवल एक रंग भरी हुई तस्वीर नहीं रहता। वह बच्चे की कल्पना का एक छोटा सा हिस्सा बन जाता है। कई बच्चे अपने ऐसे चित्र दीवार पर लगाना पसंद करते हैं या अपने पसंदीदा चित्रों की एक छोटी सी फाइल बनाते हैं।
और शायद यही रंग भरने की सबसे खूबसूरत बात है। एक साधारण कागज़ का पन्ना, कुछ रंग और थोड़ी सी कल्पना मिलकर एक पूरी कहानी बना सकते हैं।
जब Gazelle का यह चित्र रंगों से भर जाता है, तो ऐसा लगता है जैसे ज़ूटोपिया का एक छोटा सा कॉन्सर्ट कागज़ पर जीवित हो गया हो। संगीत जैसे हवा में गूंज रहा हो, रोशनियाँ चमक रही हों और Gazelle पूरे आत्मविश्वास के साथ स्टेज पर गा रही हो।
और जैसे ही यह चित्र पूरा होता है, अगली रचनात्मक यात्रा शुरू होने के लिए तैयार होती है। क्योंकि ज़ूटोपिया की दुनिया बहुत बड़ी है और उसमें ऐसे कई किरदार हैं जो बच्चों की कल्पना में रंगों के साथ जीवंत होने का इंतज़ार कर रहे हैं।

सिर्फ पाँच साल की उम्र में, गुस्तावो ने रंग भरने वाले चित्र प्रिंट करने की एक छोटी-सी इच्छा को एक ऐसी सोच में बदल दिया, जो आज 150 देशों से भी ज्यादा बच्चों को प्रेरित करती है।
इसी तरह Imprimivel.com की शुरुआत हुई, एक प्रोजेक्ट जिसे उन्होंने अपने पापा, जीन बेर्नार्डो, के साथ मिलकर बनाया, ताकि 10 भाषाओं में रंग, कल्पना और खुशी फैलाई जा सके, और दुनिया भर में 800 मिलियन बच्चों तक यह जादू पहुँच सके।
आज गुस्तावो उत्साह से उन थीम्स और किरदारों को चुनने में मदद करता है, जो दूसरे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, और उसके पापा उसकी छोटी-छोटी आइडियाज़ को प्यार से हकीकत में बदल देते हैं।
