
कभी कभी बच्चे के अंदर इतनी ज़्यादा ऊर्जा होती है कि वह कुर्सी पर बैठते हुए भी दौड़ रहा होता है। पैर हिलते रहते हैं, उंगलियाँ मेज़ पर थिरकती हैं और दिमाग किसी ऐसी चीज़ की तलाश में रहता है जो इस जोश से मेल खा सके। ऐसे ही एक पल में Horse Power सामने आता है। यह धीरे से नहीं आता। यह पूरे जोश के साथ आता है, बिल्कुल एक आज़ाद घोड़े की तरह जो मैदान खुलते ही पूरी ताक़त से दौड़ पड़ता है।
Horse Power को देखते ही बच्चों को महसूस हो जाता है कि यह कोई साधारण ट्रक नहीं है। इसमें घोड़े की आत्मा है। तेज़, मज़बूत और कभी न थकने वाली। बच्चे इसे शब्दों में शायद न समझा पाएं, लेकिन दिल से समझ लेते हैं। पहिए उन्हें घोड़े के मजबूत पैरों जैसे लगते हैं। आगे का हिस्सा ऐसा लगता है जैसे किसी भी पल आगे छलांग लगाने वाला हो। यह सिर्फ़ एक चित्र नहीं लगता, यह एक किरदार लगता है।
जब इस चित्र को प्रिंट किया जाता है, तो माहौल बदल जाता है। काग़ज़ अब सिर्फ़ काग़ज़ नहीं रहता। वह एक खुला मैदान बन जाता है, जहाँ Horse Power पूरी रफ़्तार से दौड़ सकता है। कुछ बच्चे बिना रुके रंग उठा लेते हैं, जैसे वे खुद उस रेस का हिस्सा हों। कुछ बच्चे पहले थोड़ा सोचते हैं, रंग चुनते हैं, जैसे किसी घोड़े को दौड़ से पहले तैयार किया जा रहा हो। दोनों ही तरीक़े सही लगते हैं, क्योंकि यह किरदार हर तरह की कल्पना को अपनाता है।
जैसे जैसे रंग भरना शुरू होता है, Horse Power की कहानी खुद बनने लगती है। गहरे और मजबूत रंग अपने आप चुने जाते हैं क्योंकि वे ताक़त दिखाते हैं। बड़े हिस्सों पर रंग भरते समय बच्चों को मज़ा आता है। फिर छोटे छोटे डिटेल्स जुड़ते हैं। कहीं कोई निशान, कहीं कोई लकीर जो दौड़ की धूल बन जाती है। ड्रॉ करना और रंग भरना यहाँ सिर्फ़ शांति का काम नहीं रहता, यह एक तेज़ रफ्तार सफ़र बन जाता है।
अक्सर बच्चे रंग भरते हुए बोलते रहते हैं। बताते हैं कि Horse Power सबसे तेज़ है। कि कोई उसे पकड़ नहीं सकता। कि वह हर बार जीतता है क्योंकि वह कभी हार नहीं मानता। कभी कभी पूरा कमरा शांत हो जाता है। यह वह शांति होती है जिसमें बच्चा पूरी तरह अपनी दुनिया में डूबा होता है। माता पिता इस पल को तुरंत पहचान लेते हैं। न मोबाइल, न टीवी, बस कल्पना और ध्यान।
Horse Power का जुड़ाव Monster Jam की दुनिया से अपने आप हो जाता है। बच्चे को नियम समझाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। उसे बस इतना पता होता है कि यह कोई बड़ी चीज़ है। उसके मन में यह घोड़े जैसा ट्रक भीड़ से भरे मैदान में दौड़ता है, उछलता है और सबको चौंका देता है, बिल्कुल किसी ज़बरदस्त शो की तरह, जैसा Monster Jam में होता है। लेकिन यहाँ कहानी बच्चे के हिसाब से चलती है।
घोड़े का थीम इस अनुभव को और गहरा बना देता है। घोड़ा आज़ादी का प्रतीक होता है। वह दौड़ता है क्योंकि उसे दौड़ना अच्छा लगता है। यही भावना इस गतिविधि में दिखती है। अगर रंग लाइन से बाहर चला जाए, तो वह गलती नहीं बनता। वह रेस की धूल बन जाता है। अगर कोई शेप अजीब लगे, तो वह किसी पुराने मुकाबले का निशान बन जाती है। यहाँ कुछ भी बेकार नहीं जाता।
इस चित्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कभी बोर नहीं करता। हर बार जब इसे दोबारा प्रिंट किया जाता है, कहानी बदल जाती है। आज Horse Power गंभीर और ताक़तवर हो सकता है। कल वही थोड़ा शरारती और मस्ती भरा लग सकता है। बस रंग बदले, सोच बदले और पूरी कहानी नई हो जाती है। इसी वजह से बच्चे बार बार इसे करना चाहते हैं।
यह एक्टिविटी साथ में करने के लिए भी शानदार है। भाई बहन पास बैठते हैं, हर किसी का अपना Horse Power होता है। कोई कहता है उसका ज़्यादा तेज़ है। कोई कहता है उसका ज़्यादा मज़बूत है। हँसी मज़ाक शुरू हो जाता है। बड़े लोग तारीफ़ करते हैं, सवाल पूछते हैं और बच्चे पूरे उत्साह से अपनी कहानी सुनाते हैं। सब कुछ बहुत नेचुरल लगता है।
रंग भरते और ड्रॉ करते समय बच्चे बहुत कुछ सीखते हैं, बिना महसूस किए। वे फैसले लेना सीखते हैं। नए आइडिया आज़माते हैं। यह भी समझते हैं कि सब कुछ परफेक्ट होना ज़रूरी नहीं। Horse Power परफेक्ट नहीं होना चाहता। वह ताक़तवर और तेज़ होना चाहता है। यही सोच बच्चे को आत्मविश्वास देती है।
जब चित्र पूरा हो जाता है, तो वह कहीं खो नहीं जाता। अक्सर उसे खास जगह मिलती है। फ्रिज पर, दीवार पर या अपनी ड्रॉइंग फाइल में। हर बार जब बच्चा उसे देखता है, उसे याद आता है कि उसने कुछ बनाया है। वह गर्व महसूस करता है और फिर कुछ नया करने की इच्छा होती है।
Horse Power रंग भरने के लिए देखने में आसान लगता है, लेकिन इसके अंदर बहुत कुछ छुपा है। यह ऊर्जा को सही दिशा देता है, कल्पना को खुला छोड़ता है और घर के आम पलों को रोमांचक बना देता है। यह पढ़ाई जैसा नहीं लगता, यह काम जैसा नहीं लगता। यह बस खेल जैसा लगता है।
और जब अंत में वही सवाल आता है कि क्या एक और पेज प्रिंट कर सकते हैं, तो जवाब अपने आप मिल जाता है। क्योंकि जब Horse Power दौड़ना शुरू करता है, तो कोई नहीं चाहता कि यह दौड़ जल्दी खत्म हो।

सिर्फ पाँच साल की उम्र में, गुस्तावो ने रंग भरने वाले चित्र प्रिंट करने की एक छोटी-सी इच्छा को एक ऐसी सोच में बदल दिया, जो आज 150 देशों से भी ज्यादा बच्चों को प्रेरित करती है।
इसी तरह Imprimivel.com की शुरुआत हुई, एक प्रोजेक्ट जिसे उन्होंने अपने पापा, जीन बेर्नार्डो, के साथ मिलकर बनाया, ताकि 10 भाषाओं में रंग, कल्पना और खुशी फैलाई जा सके, और दुनिया भर में 800 मिलियन बच्चों तक यह जादू पहुँच सके।
आज गुस्तावो उत्साह से उन थीम्स और किरदारों को चुनने में मदद करता है, जो दूसरे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, और उसके पापा उसकी छोटी-छोटी आइडियाज़ को प्यार से हकीकत में बदल देते हैं।
